• Sunlight
    Sunlight
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You look... exactly how I imagined you would tonight,”

  • 9 Jul, 2025

दिन ढल रहा था, लेकिन शहर की कुछ इमारतें अब भी जगी थीं। उन्हीं में एक ऊँची, स्याह इमारत — “Khuraana Group Headquarters” — जो बाहर से जितनी चमकदार लगती थी, अंदर से उतनी ही रहस्यमयी थी। उस इमारत की सबसे ऊपरी मंज़िल पर अद्रकाश खुराना का ऑफिस था, एक गहरी स्याही से सना गढ़, जहाँ से वह अपने हर मोहरे को नियंत्रित करता था।

वह इस वक़्त अकेला था। लेकिन अकेला कहाँ?

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  • The Mafia MistressThe Mafia Mistress

    The Mafia Mistress

    take off your dress," उसने कहा, आवाज़ धीमी थी लेकिन हुक्म देने वाली। एक गार्ड ने हिचकिचाते हुए बोलना चाहा, "लेकिन, सर—" लेकिन अग्निवेश की ठंडी नज़र ने तुरंत उसकी ज़ुबान को बंद कर दिया। "I said, take it off," उसने दोबारा कहा, इस बार ऐसे अंदाज़ में जिसमें इनकार की बिलकुल भी गुंजाइश नहीं थी। गार्ड्स ने बेचैनी से एक-दूसरे को देखा और फिर कमरे से निकल गए। दरवाज़ा बंद होते ही एक अजीब-सी ठंडक हवा में घुल गई। अब अधिरा थी… उस आदमी के साथ, जिसने उसे खरीदा था जैसे वो इंसान नहीं, सिर्फ़ एक चीज़ हो। उसका ड्रेस अब बोझ लग रहा था, जैसे उसके कंधों पर ज़ंजीरें लटक रही हों। उसके हील्स भी अब बंधन जैसे महसूस हो रहे थे। थरथराते हुए क़दम आगे बढ़ाते ही उसकी साँसें ख़ामोशी में तेज़ गूंजने लगीं। "प्लीज़…" अधीरा ने धीरे से कहा, और घुटनों पर गिर गई। "मैं सिर्फ़ अठारह साल की हूँ… ऐसा मत कीजिए।" उसकी आवाज़ बहुत छोटी, बहुत कमज़ोर थी, लेकिन उसे पता था कि ताक़त सिर्फ़ उस आदमी के हाथों में थी।

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